Site icon Bhagwa Sanatan Times

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर डीएम सख्त, घर-घर कूड़ा उठान और चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण पर जोर

हरिद्वार:(रागिब नसीम) जिले में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को कड़े निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के साथ ही कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया।स्वच्छ भारत मिशन (शहरी एवं ग्रामीण) के तहत आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम पंचायत में नियमित रूप से कूड़ा उठान होना चाहिए। कूड़ा वाहनों की उपलब्धता और उनके संचालन की लगातार निगरानी की जाए, ताकि कहीं भी कूड़ा जमा होने की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

बैठक में यूजर चार्ज की वसूली की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी निकायों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत यूजर चार्ज वसूलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित और पारदर्शी वसूली से स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।जिलाधिकारी ने घर-घर स्तर पर चार-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत गीले, सूखे, घरेलू जोखिमयुक्त तथा सैनिटरी अपशिष्ट को अलग-अलग रखने के लिए लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए

समीक्षा के दौरान कम्पोस्ट पिट, वेस्ट ट्रांसपोर्टेशन एवं प्रोसेसिंग प्लांट, कूड़ा निस्तारण केंद्र, सैनिटरी लैंडफिल तथा लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की स्थिति भी देखी गई। अवैध कूड़ा डंपिंग साइटों को चिह्नित कर उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।जिलाधिकारी ने स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विद्यालयों में स्वच्छता शपथ, रैली, दीवार लेखन और जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के साथ स्वच्छतम पोर्टल पर प्रगति, पंजीकरण और दंडात्मक कार्रवाई की भी समीक्षा की।

बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों और निकायों को न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए स्वच्छता कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा में प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी एम.एम. खान, उप नगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी, स्वजल नोडल अधिकारी चन्द्र मणि त्रिपाठी समेत नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और जिला पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

Exit mobile version