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सुगंध क्रांति नीति से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय

देहरादून:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)सांसद हरिद्वार और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संसद में सुगंध क्रांति नीति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने उत्तराखंड में पारंपरिक और सुगंधित खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय वृद्धि और पहाड़ी क्षेत्रों में मूल्य संवर्धन की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों पर जानकारी मांगी।

“उत्तराखंड सरकार की पहल”

उत्तराखंड सरकार ने 23 सितंबर 2025 को “उत्तराखंड महक क्रांति नीति (2026-36)” को स्वीकृति प्रदान की है, जिसका उद्देश्य सुगंधित खेती को बढ़ावा देना है। यह एक राज्य प्रायोजित योजना है, अतः केंद्र सरकार द्वारा इसके अंतर्गत प्रत्यक्ष वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान नहीं की गई है।

“केंद्र सरकार की योजनाएं…

केंद्रीय राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक फसलों के विपणन, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के लिए केंद्र सरकार द्वारा एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF), एफपीओ गठन कार्यक्रम, राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, परम्परागत कृषि विकास योजना, समेकित बागवानी विकास मिशन, एकीकृत कृषि विपणन योजना सहित अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।

“सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत का बयान…

सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां सुगंधित और औषधीय खेती के लिए अत्यंत अनुकूल हैं और “महक क्रांति नीति” राज्य के किसानों के लिए आय वृद्धि का नया द्वार खोल सकती है। उन्होंने केंद्र की विभिन्न योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर राज्य में मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन को और सशक्त करने की बात कही।

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