शिवालिक नगर पालिका नहीं ‘चोर-बाजारी पालिका’, जनता का फूटा गुस्सा
हरिद्वार,भगवा सनातन टाइम्स
अवैध वसूली के आरोप में शिवालिक नगर नगर पालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। दोनों कर्मचारियों को भगवानपुर की कसक एचआर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड करौंदी के माध्यम से पालिका में तैनात किया गया था।
पालिका क्षेत्र में दैनिक तहबाजारी और साप्ताहिक पीठ वसूली का कार्य संभाल रहे असद अली और इस्तकार अली पर सभासद गरिमा ने अवैध वसूली की शिकायत की गई थी। शिकायत के साथ सबूत भी प्रस्तुत किए गए थे, जिसके बाद जांच में आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार ने दोनों कर्मचारियों की सेवाएं 30 अगस्त से समाप्त करने का आदेश जारी किया और संबंधित कंपनी को पत्र भी भेज दिया।
इधर, पालिका क्षेत्र में लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। आमजन का कहना है कि शिवालिक नगर पालिका की छवि इतनी धूमिल हो चुकी है कि लोग अब इसे “शिवालिक नगर पालिका” नहीं बल्कि “चोर-बाजारी पालिका” कहकर पुकारने लगे हैं।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दोनों कर्मचारी पालिका के एक विशेष प्रभावशाली व्यक्ति के करीबी हैं। ऐसे में उन्हें दोबारा बहाल कराने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। अब देखना यह होगा कि अधिशासी अधिकारी का आदेश लागू होता है या फिर राजनीतिक दबाव में हटाए गए कर्मचारी फिर से पालिका में वापसी करने में सफल हो जाते हैं।
यह मामला एक बार फिर नगर पालिका व्यवस्था में पारदर्शिता और दबाव की राजनीति पर सवाल खड़ा करता है।

