रुड़की:(जीशान मलिक)वरिष्ठ नागरिक परिषद रुड़की का वार्षिकोत्सव रविवार को धूमधाम और गरिमामय माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में मेयर अनीता देवी अग्रवाल ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन कौर मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद परिषद के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में मेयर अनीता देवी अग्रवाल ने कहा कि वृद्धावस्था जीवन का वह पड़ाव है जब मनुष्य अपने सपनों, संघर्षों और वास्तविकताओं की तुलना करता है। उन्होंने कहा कि इस आयु में व्यक्ति प्रेम को एक नए दृष्टिकोण से देखता है और जीवन के अनुभवों को संजोता है। मेयर ने वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को सराहा और उनके कल्याण के लिए नगर निगम की प्रतिबद्धता दोहराई।
विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन कौर ने अपने वक्तव्य में कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया और आश्वासन दिया कि प्राधिकरण उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
परिषद के महासचिव डॉ. विकास गोयल ने वार्षिक आख्या प्रस्तुत की, जिसमें वर्षभर की गतिविधियों, आय-व्यय का ब्योरा और परिषद द्वारा संचालित फिजियोथेरेपी सेंटर की प्रगति रिपोर्ट शामिल थी। उन्होंने बताया कि सेंटर में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
“उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान…
वार्षिकोत्सव में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया। दर्शन लाल, एमआर अरोड़ा, डीबी गोयल, डॉ. राजेंद्र पाल और चंचल वाधवा को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कृष्ण अवतार मिश्रा, डॉ. नवनीत अरोड़ा, सीए पंकज गर्ग, दिलीप प्रधान, भावना सिंधु, हर्ष प्रकाश काला, प्रमोद सैनी, कुसुम गुप्ता, सूरज सैनी, अर्चना गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में परिषद के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।


