Site icon Bhagwa Sanatan Times

रुड़की मदरसा रहमानिया में आजादी का जश्न!प्रशासक हाजी मोहम्मद मुस्तकीम ने फहराया तिरंगा,उलेमाओं ने खिराजे अकीदत पेशकर शहीदों को याद किया

रुड़की:(जीशान मलिक)मदरसा अरबिया रहमानिया रुड़की में 79 वा स्वतंत्रता दिवस बड़ी मोहब्बत और हर्षौल्लास के साथ मनाया गया।जिसमें मदरसे के बच्चों और बच्चियों ने देश प्रेम से सराबोर नगमे सुनाए और देश प्रेम और शहीदों की कुर्बानी के इतिहास को याद किया। मदरसा अरबिया रहमानिया रुड़की का इतिहास रहा है कि ये हमेशा देश के प्रति बच्चों को प्रेरित कर देश से मोहब्बत करना और देश को अगर जरूरत पड़े तो देश के लिए अपनी जानो को हंसते हंसते कुर्बान कर शहादत हासिल करना सिखाता आया है और ये ही इस्लाम का फरमान है।जो देश की आजादी में सबसे ज्यादा अपनी जान कुर्बान करने वाले हमारे देश के उलेमाओं का इतिहास रहा है जो आज भी दिल्ली के इंडिया गेट पर दर्ज है।

आज मदरसा रहमानिया के प्रशासक हाजी मोहम्मद मुस्तकीम के नेतृत्व में और उस्तादों और बच्चों की मौजूदगी में मदरसा परिसर में तिरंगा फहराकर और राष्ट्रगान के साथ सेल्यूट करते हुए बच्चों को देश के प्रति देश प्रेम से प्रेरित करते हुए वीर सपूतों संग्राम सेनानियों को याद किया गया।

इस अवसर पर मदरसा प्रशासक हाजी मोहम्मद मुस्तकीम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश की आजादी पर रोशनी डालते हुए कहा कि हमारे अनेकों वीरों ने अनेकों संग्राम सेनानियों ने अपनी जाने गवाई है और महापुरुषों ने अंग्रेजों की यातनाएं सेही है और हमें आजादी दिलाई है आज इसी उपलक्ष में हमारा देश इस महा पावनपर्व को मना रहा है और हमें इस स्वतंत्रता से मौलिक अधिकार मिले है जैसे बोलने की आजादी अपनी जिंदगी जीने की आजादी प्राप्त हुई है इस संस्कृति की धरोहर को बचा के रखना है समाज में फैल रही कुरीतियों को समाप्त कर देशहित में आगे बढ़ना है।

इस अवसर मौलाना अरशद कासमी द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश की आजादी पर रोशनी डालते हुए शहीदों को खिराजे अकीदत पेशकर शहीदों की कुर्बानियों को याद किया।मौलाना इजहारुलहक साहब ने बच्चों को देश प्रेम के प्रति प्रेरित किया और देश के वीर सपूतों की कुर्बानी को याद किया। कार्यक्रम में मदरसे के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम और देश प्रेम के नगमे सुनाए।

इस मौके पर मदरसा अरबिया रहमानिया के प्रशासक: हाजी मोहम्मद मुस्तकीम,मदरसे के प्रधानाध्यापक: मौलाना अजहरुल हक साहब,पूर्व प्रधानाध्यापक: मौलाना अरशद साहब,उप प्रधानाध्यापक: मुफ्ती मोहम्मद सलीम साहब, क़ारी एहतशाम,मौलाना मोहम्मद इशाक,मौलाना मोहम्मद सदाकत, कारी कलीमुद्दीन,मुफ्ती फैजुल इस्लाम,मौलाना काजी मोहम्मद यूसुफ,कारी मोहम्मद हसन, कारी मजाहिर हसन,कारी मोहम्मद शाबान,मास्टर मोहम्मद इसरार,मास्टर मोहम्मद शहजाद,मोहम्मद रऊफ,डॉक्टर मोहम्मद शमी वे समस्त स्टाफ और तालिब इल्म मौजूद रहे।

Exit mobile version