Site icon Bhagwa Sanatan Times

यूपी में बड़ी राहत: चुनाव तक कुर्सी पर बने रहेंगे ग्राम प्रधान, प्रशासक बनकर करेंगे विकास

लखनऊ:(जीशान मलिक)उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद नए चुनाव होने तक मौजूदा ग्राम प्रधान ही प्रशासक की भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।नई व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधान अकेले नहीं होंगे। उनके साथ एक समिति भी गठित की जाएगी, जो विकास कार्यों में सहयोग करेगी। इस दौरान गांवों में पहले से चल रही सभी योजनाएं यथावत जारी रहेंगी। साथ ही जरूरत के अनुसार नए विकास कार्य भी शुरू किए जा सकेंगे।

अब तक परंपरा यह थी कि अगर पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते थे तो सरकार एडीओ पंचायत या ग्राम पंचायत सचिव को प्रशासक नियुक्त कर देती थी। प्रशासक नियुक्त होते ही ग्राम प्रधान के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार खत्म हो जाते थे। विकास कार्यों की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकारी अफसरों के पास चली जाती थी।सरकार का मानना है कि प्रशासक नियुक्त होने से विकास कार्यों में देरी होती थी। अधिकारी गांव की जमीनी हकीकत से सीधे नहीं जुड़े होते, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कत आती थी। ग्राम प्रधान स्थानीय होने के कारण लोगों की जरूरत तुरंत समझते हैं।

यह मॉडल मध्य प्रदेश समेत कुछ राज्यों में पहले से लागू है, जहां चुनाव टलने पर प्रधानों को ही प्रशासक बनाकर काम कराया जाता है। यूपी में पहली बार इस व्यवस्था को अपनाया जा रहा है।प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले साल प्रस्तावित हैं। मौजूदा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है। नई व्यवस्था से चुनाव तक गांवों में विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।

Exit mobile version