
देहरादून:(चीफ एडिटर) उत्तराखंड लेखपाल संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की आपात बैठक मंगलवार को तहसील सदर देहरादून के लेखपाल सभागार में प्रदेश अध्यक्ष देवेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में हुई।बैठक में देहरादून में फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र मामले में लेखपालों पर हुई कार्रवाई का कड़ा विरोध किया गया। संघ ने देहरादून जिला कार्यकारिणी के 25 सितंबर से सभी प्रमाण पत्रों के बहिष्कार के निर्णय का समर्थन किया है।
प्रदेश अध्यक्ष घिल्डियाल ने कहा कि प्रदेश की 60 प्रतिशत आबादी मैदानी जिलों में रहती है, जहां एक लेखपाल की आईडी में रोजाना 50 से 100 प्रमाण पत्र आते हैं। ऐसे में हर प्रमाण पत्र का डोर टू डोर वेरिफिकेशन करना संभव नहीं है। लेखपाल आवेदकों द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही आख्या देने को मजबूर हैं। एआई से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बने फर्जी प्रमाण पत्रों के लिए लेखपालों को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।संघ ने चेतावनी दी कि अगर लेखपालों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई तो प्रदेश के सभी मैदानी जिलों में प्रमाण पत्रों का बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संघ ने मांग की कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले आवेदकों, जन सुविधा केंद्र संचालकों और इसमें शामिल गिरोह पर कार्रवाई हो, न कि लेखपालों पर।
बैठक में प्रदेश महामंत्री मेजर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष मंजू बिष्ट, संगठन मंत्री रविंद्र सेमवाल सहित हरिद्वार, उधमसिंह नगर और देहरादून के जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।

