हरिद्वार:(जीशान मलिक) जून की आग उगलती दोपहरी और झुलसाने वाली लू ने इंसानों के साथ-साथ बेजुबान पक्षियों पर भी कहर ढाया है। हरिद्वार में तापमान लगातार लगातार बढ़ रहा है।ऐसे में कबूतर, गौरैया, मैना, तोता और कौओं जैसे परिंदे पानी और छांव की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। पानी न मिलने से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हो जाती है।
शहरवासियों से अपील की है कि वे अपनी छत, बालकनी, आंगन या खिड़की पर पक्षियों के लिए पानी का कटोरा जरूर रखें।गर्मी में सबसे ज्यादा मौतें पक्षियों की पानी की कमी से होती हैं। तालाब-जोहड़ सूख चुके हैं। नल भी तप रहे हैं। ऐसे में आपका रखा एक कटोरा पानी सैकड़ों परिंदों की जान बचा सकता है। यह छोटा सा काम पुण्य भी है और पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी भी। गौरैया तो वैसे ही विलुप्ति की कगार पर है।”
“ऐसे करें पक्षियों की मदद: 5 आसान स्टेप”
1. सही बर्तन चुनें: मिट्टी या सीमेंट का चौड़े मुंह वाला सकोरा सबसे बेहतर है। प्लास्टिक या स्टील के बर्तन में पानी जल्दी गर्म हो जाता है। बर्तन बहुत गहरा न हो, वरना छोटे पक्षी डूब सकते हैं।
2. छाया है जरूरी: सकोरे को हमेशा छायादार जगह पर रखें। सीधी धूप में रखा पानी 10 मिनट में उबलने लगता है। छत पर शेड के नीचे या बालकनी में रखें।
3. सुबह-शाम बदलें पानी: गर्मी में पानी में काई और बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं। दिन में दो बार ताजा और साफ पानी भरें। गंदे पानी से पक्षी बीमार हो सकते हैं।
4. दाना भी रखें: पानी के पास एक अलग बर्तन में थोड़ा बाजरा, कच्चा चावल, टूटा हुआ गेहूं या कनकी रखें। भूखे-प्यासे पक्षियों के लिए यह संजीवनी है।
5. सुरक्षा का ध्यान:अगर छत पर बंदर, बिल्ली या कौओं का खतरा है तो पेड़ की डाल पर लकड़ी की पट्टी रखकर उस पर बर्तन बांध दें। दीवार के कोने में भी रख सकते हैं।
गर्मी से बेहाल पक्षी पंख फैलाकर बैठता है, चोंच खोलकर तेजी से हांफता है और उड़ नहीं पाता। अगर कोई पक्षी बेहोश मिले तो तुरंत उठाकर छाया में लाएं।ड्रॉपर या साफ कपड़े से चोंच पर पानी की 2-3 बूंदें टपकाएं। जबरन पानी न पिलाएं। होश आने पर नजदीकी पशु चिकित्सक या वन विभाग हेल्पलाइन 1926 पर संपर्क करे।

