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पिरान कलियर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दिलाई गई कुंडे की फातिहा, बच्चों में दिखा उत्साह

पिरान कलियर:(जीशान मलिक) सोमवार को माहे रजब की 22 तारीख को पिरान कलियर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दिलाई गई इमाम सादिक ए जाफर की नियाज़।

इमाम जाफ़र-ए-सादिक़ की याद में ‘कुंडे के त्योहार’ की परंपरा सदियों से चली आ रही है। खस्ता, पूरी, खीर सहित अन्य पारंपरिक व्यंजन मिट्टी के कुंडों में रखकर फातिहा कराई जाती है। हालांकि पूरे माह-ए-रज्जब में फातिहा व नियाज़ का सिलसिला चलता रहता है। लेकिन 22वीं तारीख को इसका विशेष महत्व माना जाता है। इसी कारण रविवार रात से ही पिरान कलियर वे आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में महिलाएं पकवान तैयार करने में जुट गई हैं।

कुंडो के इस पर्व को लेकर खासतौर पर बच्चों में विशेष उत्साह नजर आया है। जिसने नन्हें-मुन्ने बच्चे नए व आकर्षक परिधानों में सज-धज कर कुंडों की नियाज़ खाने पहुंचे। दिनभर मोहल्लों में दावतों का सिलसिला चलता रहा। लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर खीर-पूड़ी का स्वाद लेते हुए आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते नजर आए।

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