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पंजाब से हरिद्वार तक फैला ड्रग माफिया नेटवर्क – किन बड़े चेहरों पर आ सकती है गाज?

हरिद्वार:(चीफ एडिटर)हरिद्वार की शांत वादियों में आज वह हलचल मची, जिसकी गूंज पंजाब तक सुनाई दी। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में की गई एक सनसनीखेज छापेमारी ने नशीली दवाओं के खेल का वह चेहरा उजागर कर दिया, जो अब तक परदे के पीछे छुपा हुआ था।

जानकारी के अनुसार, Lucent Biotech Pvt. Ltd. के अंदर चल रहे गुप्त खेल को पकड़ने में पुलिस और औषधि विभाग को महीनों लग गए। लेकिन असली झटका तब लगा जब जांच में पता चला कि 3.25 लाख ट्रामाडोल टैबलेट्स बनाने की तैयारी पहले ही हो चुकी थी। अगर ये टैबलेट्स बाजार में पहुंच जातीं, तो न जाने कितनी ज़िंदगियां बर्बाद हो जातीं।

छापेमारी के दौरान दस्तावेज़ों में ऐसी गड़बड़ियां सामने आईं, जिनसे साफ़ हो गया कि यह खेल किसी एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है। फर्जी कंपनियों के नाम, नकली लाइसेंस और लापता मालिक… यह सब एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।

प्लांट हेड हरीकिशोर की गिरफ्तारी के बाद भी रहस्य गहराता जा रहा है। पूछताछ में उसने केवल दो नाम बताए – विक्रम सैनी और फरार आर्यन पंत। लेकिन क्या ये दोनों ही असली मास्टरमाइंड हैं? या इनके पीछे कोई और बड़ी ताकत काम कर रही है?

सूत्र बताते हैं कि पंजाब में जब्त की गई 70,000 ट्रामाडोल टैबलेट्स भी इसी फैक्ट्री से जुड़ी हुई थीं, और अब सवाल उठ रहा है – यह सिर्फ एक फैक्ट्री का मामला है या पूरे देश में फैला कोई छुपा हुआ नशीली दवाओं का साम्राज्य?

अनीता भारती के साहसिक कदम ने भले ही इस खेप को रोक दिया हो, लेकिन जांच टीमों के मुताबिक असली खेल का परदा अभी उठा नहीं है।

क्या आने वाले दिनों में इस ड्रग माफिया नेटवर्क के और नाम सामने आएंगे? या यह रहस्य हमेशा रहस्य ही रह जाएगा…?

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