नेत्रदान: एक सामाजिक दायित्व, जागरूकता में बढ़ोतरी
(मनन ढींगरा)ऋषिकेश 9 मार्च
नेत्रदान के प्रति समाज में जन जागरूकता लगातार बढ़ रही है। लोग इसे अपना सामाजिक दायित्व समझते हुए नेत्रदान के लिए आगे आ रहे हैं।
चिलकाना, सहारनपुर निवासी विनय गोयल ने अपनी माता रवि रानी गोयल के निधन पर हेल्पलाइन के माध्यम से मोहन फाउंडेशन के संचित अरोड़ा से संपर्क किया। संचित अरोड़ा के आग्रह पर नेत्रदान कार्यकर्ता एवं लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोशनी आई बैंक, सहारनपुर से संपर्क किया। तत्पश्चात, सूरज जैन एवं डॉ. श्वेता ने चिलकाना स्थित उनके निवास पर समय पर पहुंचकर दोनों कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए।
इसी क्रम में, कंचन करमाकर ने वीरभद्र मार्ग निवासी स्वर्गीय गंगा देवी के निधन पर नेत्रदान के लिए टीम से संपर्क किया। उनके आग्रह पर गोपाल नारंग ने हिमालय हॉस्पिटल की नेत्रदान टीम को सूचित किया, जिसके बाद डॉ. विनय चौहान टीम के साथ स्वर्गीय गंगा देवी के निवास पर पहुंचे और कॉर्निया को सुरक्षित प्राप्त किया।
स्वर्गीय रामचरण चावला द्वारा प्रारंभ किए गए ‘नेत्रदान महादान हरिद्वार-ऋषिकेश मिशन’ का यह 388वां सफल प्रयास है, जो निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। परिजनों द्वारा कराए गए नेत्र दान पर राजेश अरोड़ा राजीव खुराना, राजीव अरोड़ा, धीरेन्द्र अग्रवाल, मनमोहन भोला, सुरेन्द्र कथुरिया ने सराहना की है।

