देहरादून:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)देहरादून में निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि, हर वर्ष री-एडमिशन शुल्क की वसूली तथा ड्रेस, पुस्तक और स्टेशनरी में हो रही लूट के खिलाफ युवा शिव सेना ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन की ओर से डीएम कार्यालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी टीका राम डबराल को ज्ञापन सौंपते हुए इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
“शिक्षा नहीं, अब व्यापार बन चुके हैं स्कूल!
सुमित चौधरी, महानगर उपाध्यक्ष ने कहा कि “देहरादून के निजी विद्यालयों ने शिक्षा को पूरी तरह व्यवसाय बना दिया है। हर साल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई जाती है। और री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से अवैध वसूली की जाती है। इसके साथ ही ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी भी तय दुकानों से महंगे दामों पर खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। यह सीधा-सीधा आर्थिक शोषण है।”
“प्रदेशभर में चरम पर स्कूलों की मनमानी!
सागर रघुवंशी, प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि “पूरे प्रदेश में निजी विद्यालयों की मनमानी अपने चरम पर है। शिक्षा के नाम पर चल रही इस लूट को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। सरकार और प्रशासन को इस पर सख्त नीति लागू करनी चाहिए।”
“युवा शिव सेना की मुख्य मांगें…
– फीस संरचना की जांच (Audit)
– मनमानी फीस वृद्धि पर रोक
– री-एडमिशन शुल्क समाप्त किया जाए
– ड्रेस, किताबें व स्टेशनरी की अनिवार्य खरीद पर प्रतिबंध
– दोषी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई।

