
देहरादून:(जीशान मलिक) जनपद में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग और अनधिकृत डंपिंग पर रोक लगाने को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सख्त हो गए हैं।गुरुवार को समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और उपयोग की पूरी चेन पर एक्शन लिया जाए
“बैठक के मुख्य निर्देश”
1. फैक्ट्रियों की जांच होगी: राज्य कर विभाग को प्लास्टिक बनाने वाली औद्योगिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण करने, कच्चे माल की आपूर्ति, स्टॉक और उत्पादन क्षमता की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। प्रतिबंधित प्लास्टिक की सप्लाई करने वाले नेटवर्क को चिन्हित कर कार्रवाई होगी।
2. डंपिंग साइटों पर कार्रवाई: सभी एसडीएम को बल्क वेस्ट जनरेटर और कचरे की अनधिकृत डंपिंग साइटों को चिन्हित करने को कहा गया है। ऐसी साइटों से प्लास्टिक कचरा उठाकर नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। अनधिकृत जगह पर कचरा फेंकने वालों पर चालान के साथ सख्त कार्रवाई होगी।
3. निगम-निकायों की जिम्मेदारी तय: नगर निगम और सभी नगर निकायों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने को कहा गया। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। नगर निगम देहरादून के 100 वार्डों में तैनात सेक्टर अधिकारियों को सघन चेकिंग और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
4. कॉम्पेक्टर मशीनों की रिपोर्ट तलब: ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर दी गई कॉम्पेक्टर मशीनों की समीक्षा की गई। कितनी मशीनें चल रही हैं और कितना कचरा निस्तारित हुआ, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। कालसी में कॉम्पेक्टर तक कूड़ा पहुंचाने में अधिक लागत और साइट चयन में लापरवाही पर टीम के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का स्थायी समाधान केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन से होगा। लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर वैकल्पिक उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए।बैठक में एडीएम केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह सहित जिला पंचायत और नगर निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।

