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डोईवाला में सियासी भूचाल! मंत्री के इस्तीफे के बाद बाजार बंद, गहमागहमी चरम पर

डोईवाला में सियासी भूचाल! मंत्री के इस्तीफे के बाद बाजार बंद, गहमागहमी चरम पर

डोईवाला/ऋषिकेश, 17 मार्च

उत्तराखंड की राजनीति में  एक बड़ा मोड़ आया जब शहरी विकास एवं वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद पूरे डोईवाला में बाजार अचानक बंद हो गए। व्यापार मंडल अध्यक्ष के आह्वान पर सैकड़ों व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर चौक बाजार में जमा हो गए। माहौल में एक अजीब सी बेचैनी थी—लोगों की निगाहें किसी बड़े घटनाक्रम की आहट महसूस कर रही थीं।

सभा का संचालन कर रहे भीम गुप्ता ने जैसे ही सभा शुरू की, एक अप्रत्याशित मोड़ आया—इस्तीफा देने के कुछ ही समय बाद प्रेमचंद अग्रवाल खुद जनता के बीच पहुंच गए! पूरे बाजार में खलबली मच गई। लोगों के चेहरे पर सवालों की लकीरें खिंच गईं। उन्होंने आते ही व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान खोलने की अपील की और भावुक अंदाज में कहा, “उत्तराखंड के विकास के लिए हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। संयम ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है!”

उनकी इस अपील के बावजूद व्यापारियों के बीच गुस्से और असमंजस का माहौल बना रहा। इसके बाद प्रेमचंद अग्रवाल तुरंत ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए, लेकिन उनके इस अचानक दौरे ने कई सवाल खड़े कर दिए—क्या वे कोई बड़ा कदम उठाने वाले हैं? क्या यह केवल जनता को शांत करने की कोशिश थी, या फिर पर्दे के पीछे कोई और सियासी चाल चल रही है?

व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश वासन ने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग प्रदेश में पहाड़-मैदान की राजनीति को हवा देकर माहौल खराब कर रहे हैं, जो राज्य के लिए घातक साबित हो सकता है। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता फुरकान कुरैशी ने इस मौके पर भाईचारे और शांति की अपील की।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व प्रधान अब्दुल रज्जाक, व्यापार मंडल महामंत्री सुबोध जिंदल, मनीष धीमान, प्रतीक अरोड़ा, कमल गोला, अजय गुप्ता, नवीन अग्रवाल समेत सैकड़ों व्यापारी और स्थानीय लोग मौजूद थे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी हवा में तैर रहा है—आखिर इस इस्तीफे के पीछे की असली वजह क्या है, और इसका असर उत्तराखंड की राजनीति पर कितना गहरा होगा?

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