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जुलूस पहुंचा तो खिदमत के लिए खुल गए हाथ, रहमतपुर बागड़ी में जायरीनों को बांटे केले और फ्रूटी

पिरान कलियर:(जीशान मलिक)जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर रहमतपुर बागड़ी स्थित कार्यालय पर जुलूस में शामिल जायरीनों और लोगों के स्वागत एवं सेवा के लिए विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों के लिए ठंडे पेय पदार्थ और फल की व्यवस्था की गई। हाजी शहीद प्रधान पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड सरकार एवं नसीम अहमद प्रधान की ओर से लोगों को केले और फ्रूटी वितरित कर उनका स्वागत किया गया।

जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में जायरीन और स्थानीय लोग शामिल हुए। जुलूस के रहमतपुर बागड़ी क्षेत्र में पहुंचने पर कार्यालय के बाहर सेवा शिविर लगाया गया। यहां जुलूस में शामिल लोगों के लिए केले और फ्रूटी की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने सेवा शिविर पर पहुंचकर केले और फ्रूटी ग्रहण की।

इस दौरान आयोजकों की ओर से जुलूस में शामिल लोगों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। सेवा कार्य के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया। जुलूस में शामिल लोगों के बीच सेवा और स्वागत को लेकर उत्साह देखने को मिला।आयोजकों ने कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व मोहब्बत, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए जुलूस में शामिल जायरीनों और लोगों की सेवा के लिए यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों और राहगीरों की सेवा करना समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक माध्यम है और ऐसे अवसरों पर सभी को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में भाग लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में आने वाले लोगों के लिए पेय पदार्थ और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सेवा की भावना का हिस्सा है। इसी उद्देश्य से जुलूस के मार्ग पर सेवा शिविर लगाकर लोगों को केले और फ्रूटी वितरित की गई।रहमतपुर चौक बागड़ी पर हुए इस स्वागत एवं सेवा कार्य को लेकर लोगों में भी उत्साह दिखाई दिया। जुलूस में शामिल जायरीनों और स्थानीय लोगों ने आयोजकों की ओर से की गई सेवा की सराहना की और उनका आभार जताया। लोगों ने कहा कि इस तरह के सेवा कार्य समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं।जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर रहमतपुर में आयोजित यह सेवा एवं स्वागत कार्यक्रम पूरे आयोजन के दौरान आकर्षण का केंद्र रहा। जुलूस में शामिल लोगों की सेवा के साथ आयोजकों ने मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने का प्रयास किया।

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