जहां नृत्य, संगीत और बलिदान की गूंज एक साथ गूंजी — डिग्री कॉलेज का अविस्मरणीय वार्षिकोत्सव
हरिद्वार,भगवा सनातन टाइम्स
26 अप्रैल 2025 की सुबह… चिन्मय डिग्री कॉलेज का प्रांगण असाधारण ऊर्जा से गूंज उठा। हर कोना एक रहस्य समेटे हुए था — कौन-सा प्रदर्शन मन को मोहेगा? किस अतिथि का उद्बोधन दिल को छू लेगा?
इंतजार की घड़ियाँ समाप्त हुईं जब कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन कर वार्षिकोत्सव की भव्य शुरुआत की। मंच पर एक के बाद एक सम्माननीय अतिथियों का आगमन हुआ — स्वामी देवतमानंदा, विधायक आदेश चौहान, ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य, राज्य मंत्री जयपाल सिंह चौहान, और अन्य विशिष्ट जन… जैसे-जैसे अतिथियों का परिचय होता गया, माहौल और अधिक रोमांचक होता चला गया।
तभी… जैसे ही सभागार में गणेश वंदना की मधुर धुन गूंजी, हर श्रोता सांस रोककर मंत्रमुग्ध-सा सुनने लगा। इसके बाद शुरू हुई एक श्रृंखला — रंगारंग कार्यक्रमों की, जिनमें भारत की विविध संस्कृतियाँ जीवंत हो उठीं। लोकनृत्य, परंपराओं का अनोखा संगम, और छात्रों का जोश — हर प्रस्तुति एक नए रहस्य का द्वार खोलती प्रतीत हो रही थी।
सस्पेंस और गहरा हुआ जब खेल प्रतियोगिता में विजयी रहे छात्रों को सम्मानित किया गया — कौन था वो छात्र जिसने सबको पीछे छोड़ते हुए विजयश्री का वरण किया? इस रहस्य से पर्दा उठते ही तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गूंज उठा। आनंद शंकर के दक्ष प्रबंधन की भी सबने मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ. स्वाति शुक्ला ने अपने सधे हुए अंदाज में एक-एक प्रस्तुति को इस तरह जोड़ा जैसे कोई कथावाचक रहस्य की परतें खोल रहा हो।
लेकिन इसी उल्लास के बीच एक क्षण ऐसा भी आया जिसने सभी की आंखों को नम कर दिया — जब हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। पूरा प्रांगण मौन हो गया… कुछ पल के लिए हर दिल एक दर्द में डूब गया।
फिर… विधायक आदेश चौहान ने अपने जोशीले संबोधन से विद्यार्थियों के भीतर एक नई उम्मीद की लौ जलाई। विज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने युवाओं को स्वप्न देखने और उन्हें साकार करने का आह्वान किया।
स्वामी देवतमानंदा का गुरुज्ञान जैसे अंधेरे में एक दीपक बनकर चमका। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक कथाओं के माध्यम से बताया कि असंभव कुछ भी नहीं, यदि इरादा अटल हो।
अंततः, जब डॉ. मधु शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया, तब तक पूरा वातावरण एक अलौकिक अनुभव में डूब चुका था। समापन होते-होते छात्र एक बार फिर रंग-बिरंगे नृत्यों के साथ मंच पर छा गए — एक अंतिम विस्फोटक प्रदर्शन के साथ, जैसे उत्सव की आत्मा स्वयं झूम उठी हो।
यह दिन न केवल छात्रों के जीवन में, बल्कि कॉलेज के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गया… एक रहस्यमयी, रोमांचकारी और अविस्मरणीय दिन।
