Site icon Bhagwa Sanatan Times

जनसुनवाई में डीएम का सख्त निर्देश: शिकायतें लटकाईं तो अगस्त की तनख्वाह पर लग सकता है ब्रेक

हरिद्वार:(जीशान मलिक)जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 70 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 34 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जनसुनवाई में राजस्व एवं भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।मीरपुर मुआजपुर निवासी सुभाष चंद ने बताया कि उनके क्षेत्र में नई टाइल्स रोड बनाई गई है, लेकिन सड़क के दोनों ओर बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली नहीं होने के कारण बारिश का पानी उनके घर में घुस जाता है। उन्होंने सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण की मांग की। वहीं धीरमजरा निवासी राम कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी।

बहादराबाद इंडस्ट्रियल एरिया निवासी सुचित्रा ने अपने पति के किडनी उपचार का मामला रखते हुए बताया कि उनका उपचार हिमालयन अस्पताल में चल रहा है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज कराना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने गोल्डन कार्ड के माध्यम से उपचार की सुविधा दिलाने की मांग की।जमालपुरकला निवासी रमेश कुमार ने अपनी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए राजस्व विभाग से भूमि की निष्पक्ष जांच एवं पैमाइश कराने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किशनपुर निवासी अर्जुन ने मकान क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी।दिनारपुर निवासी गुरमेल सिंह ने खसरा संख्या 637 स्थित भूमि तक जाने के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की और भूमि की पैमाइश कराकर सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग की। वहीं नेतवाल सेदाबाद, लक्सर निवासी रामकुमार ने खसरा संख्या 48 की भूमि पर कब्जे के प्रयास की शिकायत करते हुए पैमाइश कराने की मांग की।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर जांच करें और समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी शिकायतों का 31 अगस्त तक हर हाल में निस्तारण किया जाए।जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा तक शिकायतों का निस्तारण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान सीएम हेल्पलाइन के एल-1 स्तर पर 382 और एल-2 स्तर पर 98 शिकायतें लंबित पाई गईं। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए अधिकारियों से शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर वार्ता कर समस्या की वास्तविक स्थिति जानने को भी कहा।बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, परियोजना निदेशक नलिनी घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, सीओ सदर एसपी बलूनी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अधिशासी अभियंता जल निगम आरके गुप्ता, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत समेत संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।

Exit mobile version