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चंपावत दुष्कर्म केस निकला फर्जी, रंजिश में तीन निर्दोषों को फंसाने की साजिश,CCTV और CDR से खुला राज

चंपावत:(जीशान मलिक)चंपावत जिले में सनसनी बने दुष्कर्म प्रकरण का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि पूरा मामला फर्जी था। व्यक्तिगत रंजिश में तीन निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए साजिश रची गई थी। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई। CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में साफ हुआ कि कथित घटना के समय नामजद आरोपी विनोद, नवीन और पूरन मौके पर थे ही नहीं। डिजिटल साक्ष्यों से तीनों की मौजूदगी दूसरी जगह पर पुख्ता हुई है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी तरह के संघर्ष या शारीरिक जबरदस्ती के निशान नहीं मिले। रिपोर्ट में आंतरिक या बाहरी चोट की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में सामने आया कि कमल रावत ने बदले की भावना से पूरी साजिश रची। आरोप है कि कमल ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर और लालच देकर झूठा केस दर्ज करवाया। पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन नाबालिग अपनी मर्जी से एक दोस्त के साथ शादी समारोह में गई थी। उस दिन कमल रावत, पीड़िता और उसकी सहेली के बीच कई बार बातचीत हुई, जो सीधे साजिश की तरफ इशारा करती है।

पुलिस अधीक्षक चंपावत ने कहा कि पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस पर काम करती है। लेकिन निर्दोषों को फंसाने और कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भ्रामक सूचना फैलाने और झूठे आरोप लगाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।पुलिस ने मीडिया और जनता से अपील की है कि संवेदनशील मामलों में सिर्फ सत्यापित तथ्य ही साझा करें। बिना जांच के किसी की सामाजिक छवि खराब करना गंभीर अपराध है।

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