रुड़की:पूर्व मेयर गौरव गोयल के भाजपा छोड़ कांग्रेस जॉइन करने के बाद रुड़की विधानसभा सीट पर दावेदारी की जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव सचिन गुप्ता और पूर्व मेयर यशपाल राणा टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। लेकिन नगर निगम चुनाव जैसे हालात बने तो कांग्रेस की डगर मुश्किल है।
अप्रैल में चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत की लोबिंग से गौरव गोयल दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हुए थे। गोयल 4 साल में ही मेयर पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उनका आरोप था कि विधायक ने काम नहीं करने दिया। रुड़की में अब उनका पहले जैसा दबदबा नहीं माना जा रहा।
पिछले नगर निगम चुनाव में टिकट को लेकर सचिन गुप्ता और यशपाल राणा में 36 का आंकड़ा हो गया था। सचिन गुप्ता ने पत्नी पूजा गुप्ता को टिकट दिलाकर चौंका दिया। नाराज यशपाल राणा ने पत्नी श्रेष्ठा राणा को निर्दलीय लड़ाया। नतीजा: भाजपा की अनीता अग्रवाल जीतीं, श्रेष्ठा राणा दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही।
गौरव गोयल की एंट्री के बाद यशपाल राणा ने समर्थकों की बैठक कर ऐलान किया कि टिकट मिले या न मिले। विधानसभा चुनाव हर हाल में लड़ेंगे, चाहे निर्दलीय ही क्यों न लड़ना पड़े। निगम चुनाव में श्रेष्ठा राणा ने हर गली-मोहल्ले में भाजपा को टक्कर दी थी।
रुड़की नगर निगम में 4 विधानसभा- रुड़की, खानपुर, कलियर, झबरेड़ा का हिस्सा आता है। झबरेड़ा के सलेमपुर, रुड़की के आसफनगर, शेरपुर, मोहनपुरा, सुनहरा, सुभाषनगर भाजपा के गढ़ माने जाते हैं। अगर हाईकमान ने तालमेल नहीं बिठाया तो कांग्रेस का निगम चुनाव से भी बुरा हाल होगा। तीनों दावेदार साम-दाम-दंड-भेद में माहिर हैं। आपसी रार का सीधा फायदा भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा को होगा।

