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गुलाब-केवड़े की खुशबू से महका साबिर पाक का दरबार, गुशल शरीफ पर उमड़ा अकीदत का सैलाब

पिरान कलियर:(जीशान मलिक) हजरत साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के मौके पर शुक्रवार को रबीउल अव्वल की 14 तारीख को सुबह करीब दस बजे दरगाह साबिर पाक में गुशल शरीफ की रस्म अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। गुशल शरीफ की रस्म के दौरान मजार शरीफ और दरगाह परिसर को गुलाब जल एवं केवड़ा जल से नहलाया गया। जैसे ही गुलाब और केवड़े के पानी की खुशबू दरगाह परिसर में फैली, पूरा दरबार रूहानी खुशबू से महक उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जायरीन और अकीदतमंद गुशल शरीफ की रस्म में शामिल हुए।

निर्धारित समय पर दरगाह के सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी की मौजूदगी में गुशल शरीफ की रस्म अदा कराई गई। रस्म की शुरुआत मजार शरीफ को गुलाब जल और केवड़ा जल से नहलाने के साथ हुई। इसके बाद मजार शरीफ पर संदल पेश किया गया। गुशल शरीफ की रस्म के दौरान दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की भारी भीड़ मौजूद रही और पूरा माहौल रूहानी नजर आया।

“गुशल का पानी पाने को उमड़ा हुजूम!!

गुशल शरीफ की रस्म पूरी होने के बाद गुशल का पानी हासिल करने के लिए जायरीनों में खासा उत्साह देखने को मिला। अकीदतमंद अपने साथ बोतल, गिलास और अन्य पात्र लेकर पहुंचे थे। जैसे ही गुशल का पानी उपलब्ध हुआ, उसे हासिल करने के लिए जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोग बोतलों में पानी भरते नजर आए तो कई अकीदतमंद गिलास में गुशल का पानी समेटते दिखाई दिए। जिन जायरीनों के पास पानी रखने के लिए कोई पात्र नहीं था, उन्होंने अपने कपड़ों को ही गुशल के पानी से तर किया।दरगाह परिसर में गुशल शरीफ का पानी पाने के लिए अकीदतमंदों की भीड़ इस कदर उमड़ी कि चारों ओर जायरीनों का हुजूम दिखाई दिया। दूर-दराज से पहुंचे अकीदतमंदों में गुशल शरीफ के पानी को लेकर खासा उत्साह नजर आया। कई जायरीन इसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए।

“अमन और भाईचारे की मांगी दुआ….

गुशल शरीफ की रस्म के दौरान दरगाह परिसर पूरी तरह रूहानी माहौल में डूबा रहा। अकीदतमंदों ने साबिर पाक के दरबार में हाजिरी लगाकर देश-दुनिया में अमन, चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। जायरीनों ने मजार शरीफ पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया।758वें सालाना उर्स के दौरान गुशल शरीफ की रस्म को लेकर दरगाह परिसर में सुबह से ही अकीदतमंदों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। उर्स में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचे। गुशल शरीफ की रस्म के दौरान दरगाह परिसर में हर तरफ अकीदतमंद ही नजर आए।

“उर्स की प्रमुख रस्मों का हुआ समापन!!

गुशल शरीफ और संदल की रस्म संपन्न होने के साथ ही 758वें सालाना उर्स की प्रमुख धार्मिक रस्में पूरी हो गईं। उर्स के दौरान पिरान कलियर में अकीदतमंदों का लगातार जमावड़ा बना रहा। दरगाह साबिर पाक पर देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जायरीनों ने अपनी अकीदत पेश की और परिवार सहित मुल्क में अमन, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं।गुशल शरीफ की रस्म के दौरान दरगाह परिसर में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब और गुलाब-केवड़े की खुशबू से महकता दरबार पूरे दिन उर्स की रूहानी फिजा का केंद्र बना रहा।

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