हरिद्वार:(जीशान मलिक) कुंभ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में अवस्थापना विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। देश-दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में विभिन्न योजनाओं पर काम चल रहा है। निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए मेला प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।इसी क्रम में सोमवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने तकनीकी सेल के अधिकारियों के साथ कनखल एवं उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति से संबंधित विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड जल संस्थान की ओर से पेयजल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइनों की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता और कार्य की गति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अपर मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को पेयजल वितरण लाइनों को बिछाने के कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है। इसके चलते पेयजल की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में मेला शुरू होने से पहले पेयजल से संबंधित सभी योजनाओं को पूरी तरह तैयार करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि मेला अवधि में श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अभी से सभी व्यवस्थाएं मजबूत की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई को लेकर भी अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क अथवा सार्वजनिक स्थानों पर जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, वहां आम लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। कार्य पूरा होने के बाद खुदाई वाले स्थान को उचित तरीके से भरकर समतल किया जाए, ताकि लोगों के आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान आमजन की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्यों के कारण यातायात अथवा स्थानीय लोगों के आवागमन में अनावश्यक बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
अपर मेलाधिकारी ने भूपतवाला क्षेत्र में पावन धाम तथा प्राइमरी पाठशाला पंपिंग पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पावन धाम योजना का कार्य 85 प्रतिशत तथा प्राइमरी पाठशाला पंपिंग पेयजल योजना का कार्य 95 प्रतिशत पूरा पाया गया।दोनों योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों योजनाएं अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, इसलिए शेष कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम चरण के कार्यों को तेजी से पूरा कर योजनाओं को शीघ्र उपयोग में लाया जाए।
दयानंद सरस्वती ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की व्यवस्थाओं में स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल आपूर्ति प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। पेयजल से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय से पहले व्यवस्थाओं को तैयार करने का प्रयास करना चाहिए।निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चौहान, सहायक अभियंता राकेश बमराड़ा, मनोज डबराल तथा तकनीकी सेल के अभियंता अतुल शांडिल्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

