हरिद्वार:(जीशान मलिक)आगामी कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को हुई बैठक में DM ने सभी निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों को कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले शहर और यात्रा मार्ग के सभी निर्माणाधीन कार्यों को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता और लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
किस विभाग को क्या निर्देश
1. पेयजल निगम: परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा उत्तराखंड पेयजल निगम मीनाक्षी मित्तल को निर्देश दिए कि सीवरेज से जुड़े सभी निर्माणाधीन कार्य कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पूरे कर लिए जाएं।
2. NH और लोनिवि: राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि सड़कों का निर्माण कार्य तत्परता से पूरा करें। सड़कों के गड्ढों का पेचवर्क तुरंत कराएं। सड़क किनारे निर्माण सामग्री और मलबा बिल्कुल न रहे। जो भी मलबा पड़ा है उसे शीघ्रता से हटाया जाए ताकि यातायात बाधित न हो।
3. जल संस्थान-जल निगम:पेयजल लाइनों के मरम्मत कार्य त्वरित गति से पूरे करने के निर्देश दिए गए।
नालियों की सफाई पर सबसे ज्यादा जोर
जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिकाओं, खंड विकास अधिकारियों और सड़क मार्ग से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में सभी नालियों और कलमठों की सफाई शीघ्रता से पूरी करें। इससे पानी की निकासी सुचारू रहेगी और जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
DM की दो टूक: DM मयूर दीक्षित ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी क्षेत्र में बंद नाली के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी अधिकारी नालियों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही न बरती जाए।कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन यातायात और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर पहले से अलर्ट मोड पर है।

