
रुड़की:(जीशान मलिक) कन्हैया लाल डीएवी इंटर कॉलेज रुड़की में शुक्रवार को विद्यालय के संस्थापक राय साहब कन्हैया लाल का 157वां जन्मोत्सव एवं संस्थापक दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपराओं के अनुसार विधिवत यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ में संस्था के पूर्व प्रबंधक अतुल कुमार एवं उनकी माताजी श्रीमती सुषमा गर्ग यजमान के रूप में उपस्थित रहे।वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित यज्ञ में विद्यालय की उन्नति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के कल्याण की कामना की गई। यज्ञ के उपरांत संस्था के प्रबंध संचालक अभिषेक शुक्ला ने राय साहब कन्हैया लाल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इसके बाद संस्था के पूर्व प्रबंधक, अम्मा, प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय, शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने राय साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान विद्यालय परिसर में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण बना रहा। उपस्थित लोगों ने राय साहब के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और उनके आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में विद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. शालिनी त्रिपाठी ने राय साहब कन्हैया लाल के जीवन वृत्त एवं उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उनके जीवन संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा संस्था की स्थापना के पीछे उनकी दूरदर्शी सोच को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राय साहब कन्हैया लाल ने शिक्षा को समाज के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम माना और उनके प्रयासों से स्थापित यह शिक्षण संस्था आज भी विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और अनुशासन की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्था की पहचान केवल उसकी इमारत या उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके संस्थापक के विचारों और उद्देश्यों से होती है। राय साहब कन्हैया लाल द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्य आज भी विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणास्रोत हैं। संस्थापक दिवस के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके जीवन और योगदान से परिचित कराने का भी प्रयास किया गया।इस आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने राय साहब कन्हैया लाल को हृदय की गहराइयों से याद करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन, श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।

