Site icon Bhagwa Sanatan Times

एम्स ऋषिकेश में शुरू हुआ ‘आयुष आरोग्य पथ’, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य लाभ के लिए अभिनव पहल

एम्स ऋषिकेश में शुरू हुआ ‘आयुष आरोग्य पथ’, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य लाभ के लिए अभिनव पहल

ऋषिकेश, मनन ढींगरा 17 अप्रैल – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने समग्र स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘आयुष एकीकृत स्वास्थ्य पथ’ का शुभारंभ किया है। इस विशेष पथ का उद्घाटन हाल ही में संस्थान के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया।

एम्स के आयुष विभाग परिसर में विकसित इस पथ को ज्योतिषीय और वैदिक अवधारणाओं के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसमें पंचतत्व उद्यान, नवग्रह वाटिका, राशि वाटिका और अनंत पथ जैसे नवाचारी तत्व शामिल किए गए हैं, जो शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में सहायक हैं।

पंचतत्व उद्यान में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पांच मौलिक तत्वों के साथ प्रकृति आधारित गतिविधियों के माध्यम से उपचारात्मक प्रभाव डाले जाते हैं। वहीं, नवग्रह वाटिका में विशेष पौधों को रोपित किया गया है जो नवग्रहों की ज्योतिषीय ऊर्जा के अनुरूप मानी जाती हैं और सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

राशि वाटिका 12 राशियों के अनुरूप पौधों से युक्त है, जो जन्मकुंडली के ग्रह-नक्षत्रों से जुड़ाव के माध्यम से मानसिक संतुलन में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, अनंत पथ – जो अंग्रेजी के 8 के आकार में बना है – न्यूरोमस्कुलर समन्वय और मस्तिष्क की न्यूरोनल गतिविधियों को बढ़ाने में सहायक बताया गया है।

आयुष विभाग ने विशेष रूप से एक “योग और ध्यान कक्ष” भी निर्मित किया है, जहां ध्यान और योगाभ्यास के माध्यम से मानसिक शांति प्राप्त की जा सकेगी। विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका पठानिया के अनुसार, यह पथ वैदिक परंपराओं और आधुनिक चिकित्सा का अद्वितीय संगम है।

‘आयुष एकीकृत स्वास्थ्य पथ’ न केवल रोगों के उपचार में सहायक होगा, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, आत्मिक शांति और जीवनशैली संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करने वाली मानी जा रही है।

Exit mobile version