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एडीजी एल/ओ द्वारा अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था पर राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

देहरादून:(ज़ीशान मलिक)डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महान को आज वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में जनपद प्रभारियों, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था पर चर्चा की गई।

“सत्यापन अभियान में तेजी और संदिग्धों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश…

एडीजी एल/ओ ने पुलिस द्वारा किये जा रहे सत्यापन अभियान की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सत्यापन के उद्देश्यों को भली-भांति समझ लिया जाना आवश्यक है, सत्यापन की कार्यवाही में मुख्यतः यह भी देखा जाये कि कोई कुख्यात अपराधी बाहरी राज्यों से भागकर राज्य में निवास तो नहीं कर रहा है। इस सम्बन्ध में अपराधी इतिहास ज्ञात करने हेतु प्रचलित विभिन्न पोर्टलों का सहयोग लिया जाये। अभियान में तेजी लाते हुए संदिग्धों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये।

“भूमि संबंधी धोखाधड़ी मामलों में रेंज आईजी स्तर पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश…

एडीजी एल/ओ ने भूमि सम्बन्धी धोखाधड़ी के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा पूर्व में भी निर्गत आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में राजपत्रित अधिकारी की जांच के उपरान्त ही नियमानुसार अभियोग पंजीकृत कर अभियोग का साक्ष्यों के आधार पर विधिक निस्तारण कराया जाये। इस सम्बन्ध में यह भी ध्यान रखा जाये कि दीवानी प्रकृति के मामलों में पुलिस अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। दोनों रेंज के आईजी को ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिये गए।

“नाबालिग गुमशुदगी मामलों में संवेदनशीलता के साथ नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश…

एडीजी एल/ओ ने गुमशुदगियों की समीक्षा करते हुए विशेषकर नाबालिग बच्चों के गुमशुदा होने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर गुमशुदा को बरामद करने की कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुमशुदगी के रिकवरी रेट को बढाया जाना आवश्यक है। गुमशुदगी को लेकर सभी स्तर पर संवेदनशीलता होनी चाहिए, यह हमारा सामाजिक दायित्व भी है।

“लम्बित विवेचनाओं की समीक्षा…

एडीजी एल/ओ ने 3 वर्ष से अधिक समय से लम्बित अभियोगों की विवेचकवार समीक्षा की। उन्होंने लम्बे समय से लम्बित विवेचनाओं के सम्बन्ध में आपत्ति प्रकट करते हुये सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी को अपने निकटतम पर्यवेक्षण में अभियोगों का अविलम्ब निस्तारण कराने हेतु निर्देशित किया। साथ ही दूसरे राष्ट्र में निवासरत आरोपियों के विरूद्ध नियमानुसार एलओसी तथा रेड कार्नर नोटिस जारी करने की कार्यवाही हेतु भी निर्देशित किया गया।

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