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इबादत पर भारी नहीं पड़ी मुसीबत: कलियर में बिजली-पानी की किल्लत के बीच गूंजी ‘या साबिर’ की सदाएं 

पिरान कलियर:(जीशान मलिक)रूहानियत और अकीदे की नगरी पिरान कलियर में गुरुवार को नौचंदी और जेठी जुमेरात के मुबारक दिन पर आस्था के समंदर में डूबी नजर आई। 42 डिग्री के पार पहुंचे पारे और झुलसाने वाली तपिश के बावजूद हजारों जायरीन अल्लाह और उसके नेक बंदे हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह के दर पर हाजिरी देने पहुंचे। सुबह फज्र की अजान से ही दरगाह क्षेत्र में जायरीनों का आना शुरू हो गया था।दरगाह साबिर पाक के अलावा दरगाह इमाम साहब, दरगाह किलकिली साहब, दरगाह अब्दाल साहब और दरगाह गेब अलीशाह पर भी अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। मजारों पर चादर और फूल पेश करने, मन्नत के धागे बांधने और दुआ मांगने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। गर्मी से बेहाल जायरीन पसीने में तरबतर थे।लेकिन किसी के चेहरे पर शिकन नहीं थी। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी अपनी बारी का सब्र से इंतजार करते रहे। यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के कोने-कोने से जायरीन बसों, कारों और ट्रेनों से कलियर पहुंचे।

भीषण गर्मी के बीच दिनभर बिजली की आंख-मिचौली ने जायरीनों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बार-बार हो रही बिजली कटौती से दरगाह परिसर और आसपास के इलाके में पानी की सप्लाई ठप हो गई। वजूखानों में पानी नहीं था। हैंडपंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। प्यास से बेहाल बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हुए। कई जगह जायरीनों ने बोतलबंद पानी खरीदकर प्यास बुझाई। दरगाह प्रबंधन और दुकानदारों ने भी जगह-जगह पानी का इंतजाम किया, लेकिन भीड़ के आगे सब कम पड़ गया।

जायरीनों ने बताया इतनी गर्मी पहले कभी नहीं देखी। बिजली भी दगा दे गई। पर साबिर पाक के दर पर आकर जो सुकून मिलता है, उसके आगे ये तकलीफ कुछ भी नहीं।”बच्चे प्यास से रो रहे थे।लेकिन मन्नत पूरी होने पर शुकराना करने आए हैं। ये इम्तिहान है, इबादत नहीं छोड़ सकते।”

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